प्रभु भोले शंकर सदा शिव का प्रिय आभूषण रुद्राक्ष ही तो है
रक्त विकार को दूर करते हुए रक्तचाप को नियंत्रित करके हिर्देय
रोग व् अन्य मानव शरीर के ताप ख़तम करने की शक्ति प्रसाद रूप में रुद्राक्ष ही तो देते हैं
मानसिक वैचारिक शारीरिक ओर अध्यात्मिक उर्जा से भरपूर शक्ति तो हम सब को
यह शिव के प्राकर्तिक रूप का प्रशाद रुद्राक्ष के रूप में ही प्राप्त हो सकती है
फिर क्यूं हम नकारात्मक शक्ति से
भरकर इन रुद्राक्ष का प्रशाद सवीकार नहीं करते ज्ञान की कमी है या विश्वाश की आप जाने
लेकिन रुद्राक्ष की शक्ति कम नहीं हो सकती
जेसे समयानुसार कोई भी दवा काम करती है रोग के बाद जाने पर दवा काम कम करेगी वेसे ही
समय पर रोग आने से पहले ,किसी समस्या के उभरने से पहले दवा ले ली जाए उसी परकार
अपनी जन्म लगन ,चंदर ,सूर्य कुंडली के अधर पर जीवन में आने वाली समस्याओं का
समाधान करने के लिए रुद्राक्ष धारण करने का शुभ प्रभाव देखा गया है
हाँ कुछ लोग प्रशन करते हैं की रुद्राक्ष धारण करने पर नियमो का पालन करना पड़ेगा >> जेसे नशा आदि छोड़ना पड़ेगा ( अगर आप जानते ही हैं की यह बुरा काम है तो अरे >> करते ही क्यूं हो >> छोड़ क्यूं नहीं देते अरे जान बुझ कर गलत काम ) मत करो छोड़ दो वो सब जिस से कोई लाभ नहीं /
अगर रत्न धारण करोगे तो वो भी तो देव देवी के रतन हैं उनकी प्रतिष्ठा भी तो देव देवी के मंत्रून से ही होती हैवो सब भी पुजनिये हैं
अतः बुरी भावनाओं को छोड़ कर संसार की व्याधियों को दूर करने के लिए शिव प्रशाद रूप में रुद्राक्ष धारण करे
फ्री जानकारी के लिए फ़ोन पर संपर्क कर सकते हैं कल्याण हो
वास्तुअचार्य
अवतार सिंह
९०१३२०३०४०
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें