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गुरुवार, 14 अक्टूबर 2010

प्राथना

सोमवार, ४ अक्तूबर २०१०

prathna

हे ईश्वर
यह विडंबना ही है की मेरी जीविका दूसरों की समस्याओं पर
निर्भर है
यह भी मेरा सोभाग्य है की आपने उन समस्याओं का समाधान करने के लिए
उत्तम अवसर दिया

ओर
यह उतरदायित्व पूरनकरने की तोफिक भी मुझे वरदान में दी
हे प्रभु
मुझ पर अपना किर्पाभरा हाथ मेरे सरपर सदेव रखना जिससे में इस कार्य को पूरण निष्ठाके साथ पूरण
कर सकूं ओर मेरी वाणी कभी भी असत्य न हो


वास्तु आचार्य
९०१३ २०३०४०

भविष्य

Tuesday, August 24, 2010

भविष्य

ye din bhi n rahenge

वास्तु कुछ ओर भी

Tuesday, August 24, 2010

वास्तु ?

SUB KUCHH TO VAASTU NIYAMO SE KARNA CHAHIE THA
HUA KYA? SUB KUCHH TO BAN KAR TEYAAR HO GAYA.
KUCHH PARESHAANIYAAN HAEN ?
KYA PURANA GHAR TOD KAR BANAAENGE?
KIRAAE PAR REHTE HAEN?
KAHAAN DHOOND RAHE HAEN VAASTU KE ADHAAR PARR
BANA AASHIYANA.
AGAR SUB NAZAR AA BHI GAYA TO US KA MALIK DEGA HI KYOON KIRAAE PAR
WO TO SUKHI HI HAE YAANI WO GHAR BHI KAHEEN VAASTU DOSH MAEN HI HOGA?
PHIR KYA KAREN?
AAO KAREAN PRATHNA PRABHU CHARNO MAEN EK BAAR DIL AUR AASTHA SE
KESE>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>.
????????????????????????????
AAO KAREAN VICHAAR

कबाड़

KYOON KARTE HAEN MOH
APNE KBAAD SE
KAB KAAM AAEGA WO SAB
TOOTA PURANA FURNITURE
AUR SAALOON PURANE KAPDE
HATAAO SUB ....AUR
PAO KHUSHIYAAN>>>>>>>>>>>>>>>>>>.

पूजा केसे करें?

aaj ki mehgaai ke ander kese karen
pooja?

asaan hae.
Aap jo bhi chahte haen prabhu ke charno maen arpit karna
karo arpit MAANSIK POOJA SE.

गाए का घी

kahaan se milega poojan ke liea
shudh ghe
kya aap tv news dekhte haen?
to kya karen?
Til ka tel hi achha hoga.

धन prapti

maa lakshmi ji ke paas prati din ek deepak jlaaen aur
prathna kare dhan prapti ke lie samey 6:00pm

धन प्राप्ति केसे हो

chawal til aur khir se karo hawan vishesh dhan prapti mantroon ke saath
ichha avashy poori hogi.

रोग और kaaran

bimari aur usse mukti vichar
aao ek baar phir vichar karen
kyoon bimar hote haen hum

वास्तु प्रशन ही प्रशन

वास्तु प्रशन ही प्रशन

अगर कोई भू खंड आग्नेय नेत्रय्त्य वाव्या ओर इशान के मार्ग की ओर बढ जाए तो वहां पर केसे घर का निर्माण वास्तु नियमो के अनुसार किया जाएगा
घर का इशान कट जाने पर भी कई परिवार सुखी संपन देखे जाते हैं क्या कारन हो सकता है
क्या वायवे इशान आग्नेय घटाए जा सकते हैं
घर की किन दिशाओं में अधिक खुला स्थान गार्डेन हो सकता है ओर क्यों
घर की किन दिशाओं में अधिक खाली स्थान नहीं होना चाहिए ओर क्यों
अपने भूखंड ओर घर में किन दिशाओं में हम विस्तार कर सकते हैं
किन किन दिशाओं में हम विस्तार नहीं कर सकते
वास्तु नियमों के अनुसार निर्माण कार्य कब ओर केसे करना चाहिए {महूरत विचार }
घर में भारी सामान को किस दिवार के साथ रखना चाहिए ओर किस दिवार के पास नहीं
घर बनाते समय मटेरिअल किस दिशा में रखना चाहिए
घर की कोण कोण दिशा ऊंची ओर नीची होनी चाहिए कारन भी लिखें
घर में { एल } आकर का हाल बनाने के लिए कोण सी दिशा में विस्तार करेंगे कारन कहें
पहले घर का निर्माण करना चाहिए की चार दिवारी का
शेर मुखी भूखंड पर निर्माण करते समय भूखंड को धन दायक ओर पुष्टि वर्धक केसे बनाएंगे
चारदीवारी या परकोटा किसे कहते हैं
क्या फूलों की बेल मुख्य द्वार पर लगाई जा सकती है
अगर घर के उत्तर पूर्व ओर इशान में अन्य कोई निर्माण हो चूका हो ओर आप का भूखंड केवल पच्छिम दक्षिण
दिशा का हो तो क्या चारदीवारी की आवश्यकता होगी
किन दिशाओं के निर्माण शुभ फल दायक हो सकते हैं
देखा जाता है की एक ही चारदीवारी में कुछ अधिक घरो का निर्माण किया जाता है क्या यह शुभ होगा
एक ही चारदीवारी के अंदर नेत्रय दिशा में उपग्रह केसे ओर कहाँ बना सकते हैं चित्र द्वारा बताएं
चारदीवारी में गेट लगाने का नियम लिखें । किन किन देवताओं के स्थान पर द्वार योजना उचित रहेगी
भू खंड में जल स्थान कहाँ पर होना चाहिए
भू खंड में अग्नि स्थान कहां होगा
भू खंड का पृथ्वी तत्व किस दिशा में होगा ओर उस दिशा का देवता कोन है
आग्नेय स्थान पर जल का प्रभाव कहें
दक्षिण दिशा में जल का क्या प्रभाव होगा
घर के मध्य स्थान का नाम ओर देवता का नाम लिखें
नक्षा बना कर जल अग्नि स्थान को चिन्ह करें
भू खंड में कुआँ बनाने का शुभ महूरत कोन सा होगा {पंचांग वर्णन करें }
घर की किन किन दिशाओं में कुआँ बावली खड्डा करना वर्जित है
छत पर ओवर हेड टंक किस दिशा में होना उचित नहीं
अगर इशान में टंक बन चूका हो तो क्या सुझाव कहेंगे
घर में ओवर हेड टंक इशान में क्यों नहीं होना चहिए
पुराने स्नान घर ओर आधुनिक बाथ रूम में क्या अंतर है
घर में स्नान घर की उचित जगह का वर्णन करो
इशान दिशा के कमरे के साथ क्या बाथ रूम बना सकते हैं
बाथरूम में गीजर कहां स्थपित किया जा सकता है
टोइलेट किस दिशा में स्थान प्राप्त करेगा
सेप्टिक टंक किस दिशा में बनाना चाहिए
टोइलेट में बेसिन केसे लगाया जाए
घर में किन दिशाओं के कमरे में लेट्रिन बाथ बनाए जा सकते हैं ओर किन दिशाओं में नहीं कारन लिखें
वेध किसे कहते हैं
वेध कितने प्रकार के होते हैं {कुल ५४ वेध होते हैं }
पेज ६७
प्राचीन शास्त्र कारों ने ८ वेध का वर्णन किया है उन का उल्लेख करें
क्या वास्तु में द्वार योजना पर भी कहा गया है ? उल्लेख करें
द्वार योजना पर निबंध लिखें
मार्ग वेध क्या होता है
चारदीवारी में पेड़ कहां नहीं लगाए जा सकते
छाया वेध क्या होता है
वीथी प्रहार ओर वीथी प्रसार किसे कहते हैं । अछि वीथी पर प्रकाश डालें
घर में कितनी खिड़की रोशन दान ओर द्वार होने शुभता को प्राप्त कराते हैं
मुख्य द्वार से क्या तात्पर्य है
कोन से द्वार अशुभता देते हैं
अभी ओर भी >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>

वास्तु आचार्य
९०१३२०३०४०

बुधवार, 13 अक्टूबर 2010

vaastuavtaar: वास्तु विद्या ओर प्रशन ????????????

vaastuavtaar: वास्तु विद्या ओर प्रशन ????????????: "वास्तु क्या है लेख लिखे वास्तु कला कितनी प्राचीन है वास्तु शास्त्र किन ग्रंथों पर आधारित है वास्तु ग्रन्थ के आचार्य कोन २ हैं वास्तु शास्त..."

मंगलवार, 12 अक्टूबर 2010

वास्तु विद्या ओर प्रशन ????????????

वास्तु क्या है लेख लिखे
वास्तु कला कितनी प्राचीन है
वास्तु शास्त्र किन ग्रंथों पर आधारित है
वास्तु ग्रन्थ के आचार्य कोन हैं
वास्तु शास्त्र का अध्यन क्यों आवश्यक है
भारतीय वास्तु कला विकृत क्यों हुई
वैदिक वास्तु विज्ञानं कितना प्राचीन है
क्या वास्तु नियम गरीब के झोपड़े पर भी प्रभाव डालता है ओर केसे
क्या किराए के घर पर भी वास्तु परभाव डालता है
बहुत से भवन अधर में ही रह जाते हैं कारन कहें
क्या वास्तु नियम हिन्दू समाज के लिए ही होंगे
क्या बिना तोड़ फोड़ के वास्तु ठीक हो सकता है
कुछ वास्तु नियमो के विपरीत निवास स्थान होने पर भी विपरीत पर्भाव देखने को नहीं मिलते क्या कारन हो सकता है
वास्तु विद्या का भारत में प्रचार किस कारन से देर से हुआ
वास्तु इन दिनों में ही क्यों परचार में आया
वास्तु शास्त्र ओर फेंग शुई जेसे प्राचीन ग्रन्थ के आधार पर आज के आधुनिक समाज में इन नियमो का प्रभाव केसे पड़ सकता है
वास्तु ओर फेग शुई में से कोन सा शास्त्र अधिक प्रभाव दे सकता है
क्या वास्तु ग्रन्थ जादू या अन्धविश्वाश को मानने के लिए प्रेरित करते हैं
वास्तु शास्त्र के नियम से दोष निवारण का फल कितने समय में दिखलाई पड़ सकता है
क्या वास्तु शास्त्र का पर्भाव सारे परिवार पर हो सकता है
क्या वास्तु दोष निवारण का उपाए काम करेगा ही इसका क्या परमान है
क्या घर का फुर्नितुरे बदलने से भाग्य पर उचित अनुचित प्रभाव होता है
क्या दोष निवारण यंत्रू का गलत प्रभाव भी हो सकता है
वास्तु शास्त्र के आधार पर कुछ भवनों का उद्धरण दें
फेंग शुई क्या घर की साज सज्जा बदलने का ही शास्त्र है
क्या रंगों का इस शास्त्र से समभंद है है तो वर्णन करें
भारतीय वास्तु शास्त्र के प्रतीक चिन्ह क्या हैं
चीनी ज्योतिष के आधार पर कौन सी राशी होती हैं
उत्तर : चूहा बैल सिंह खरगोश ड्रेअगन सांप घोडा भेड़ बन्दर मुर्गा कुत्ता ओर सूअर
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का क्या महत्व है
सूर्य की किरणों का क्या पर्भाव होता है
चुम्बकीय किरण क्या होती हैं इनसे क्या लाभ होता है
भूमि परीक्षा किस पारकर से संभव है
भूमि कितने पारकर की होती है
ब्राह्मणी,शुद्र,वेश्या ओर क्षत्रिय भूमि के क्या गुण भेड़ होते हैं
भूमि परीक्षा के कोन से मापदंड होते हैं
भूमि खनन के समय प्राप्ति सामग्री के आधार पर भू परीक्षण का विवरण दें
नया भू खंड प्राप्त करते समय क्या क्या देखना चाहिए
भूमि की कौन सी आकृति स्थल वास्तु के आधार पर शुभ होगा
ईशान अशुद्ध केसे हो सकता है ओर उसका क्या परिणाम होगा

अभी ओर भी प्रशन होंगे >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>

वास्तु अवतार

९०१३ २० ३० ४०

वास्तु विषय अनुकर्मनिका

विषय परवेश
वास्तु क्या है
वास्तु में दिशाओ का महत्व
वास्तु के कटे स्थान का पर्भाव
निर्माण कब ओर केसे
चारदीवारी
बहुमंजिला भवन की द्वार योजना
जल स्थान
छत पर जल स्थान
१० स्नान घर
११ टोइलेट
१२ वेध
१३ वीथी प्रहार ओर प्रसार
१४ द्वार खिड़की ओर रोशनदान
१५ बरामदा
१६ बालकोनी
१७ सीडिया
१८ शयनकक्ष
१९ पूजा घर
२० तुलसी
२१ रसोईघर
२२ गेस्चुल्हा
२३ घर की तिजोरी
२४ फेंगशुई
२५ पिरामिड
२६ विविध विषय ///////////////////


वास्तुअचार्य
अवतार सिंह
९०१३२०३०४०



सफल दांपत्य जीवन के महत्वपूर्ण सूत्र

सफल दांपत्य जीवन के महत्वपूर्ण सूत्र

सोमवार, 11 अक्टूबर 2010

प्रिय पाठक

ज्योतिष के गंभीर विषय को अति सरल ओर सत्य रूप में जानने के लिएया कुछ अनुभव आपके सामने लिख रहा हूँ
प्रत्येक मानव के जीवन पर नव ग्रहों का दो तरह से प्रभाव से असर होता है

पहला : जन्मसमय अनुसार कुंडली के अन्दर नवग्रह जिस २ स्थान पर अच्छा या बुरा सवभाव लेकर बेठाहो उसका फल के साथ हमेशा जुड़ारहता है ओर दूसरी ओर नवग्रहों द्वारा पंचांग गोचर गति के अनुसार राशी परिवर्तन करते रहने के कारन से हर एक लगनवालोपर अलग रूप से अच्छा बुरा पर्भाव होता है
अतः हर व्यक्ति को अपने जीवन की पूरी जानकारी के लिए पहले तो अपनी कुंडली के अधर पर ग्रहों का फलादेश जानलेना चाहिएओर दूसरा पंचांग के अधार पर जो जो गृह जिन जिन राशी पर चलता हो उसका फलादेश जानना चाहिए
अतः इस प्रकार फलादेश जानने से जीवन का नक्शा भूतभविष्य ओर वर्तमान का ज्ञान होता रहेगा

विशेष ::: जन्म कुंडली के अन्दर स्थापित नवग्रह में जो गृह २७ अंश से ऊपर या ३ अंश से निचे होगा या सूर्य से अस्त होगा अपनी शक्ति के अनुसार पूरा फल नहीं देगा

शेषफिर
वास्तुअचार्य
० ९०१३ २० ३० ४०

शनिवार, 9 अक्टूबर 2010

प्राथना

prathna

हे ईश्वर
यह विडंबना ही है की मेरी जीविका दूसरों की समस्याओं पर
निर्भर है
यह भी मेरा सोभाग्य है की आपने उन समस्याओं का समाधान करने के लिए
उत्तम अवसर दिया
ओर
यह उतरदायित्व पूरनकरने की तोफिक भी मुझे वरदान में दी
हे प्रभु
मुझ पर अपना किर्पाभरा हाथ मेरे सरपर सदेव रखना जिससे में इस कार्य को पूरण निष्ठाके साथ पूरण
कर सकूं ओर मेरी वाणी कभी भी असत्य न हो

वास्तु आचार्य
९०१३ २०३०४०

सोमवार, 4 अक्टूबर 2010

prathna

हे ईश्वर
यह विडंबना ही है की मेरी जीविका दूसरों की समस्याओं पर
निर्भर है
यह भी मेरा सोभाग्य है की आपने उन समस्याओं का समाधान करने के लिए
उत्तम अवसर दिया
ओर
यह उतरदायित्व पूरनकरने की तोफिक भी मुझे वरदान में दी
हे प्रभु
मुझ पर अपना किर्पाभरा हाथ मेरे सरपर सदेव रखना जिससे में इस कार्य को पूरण निष्ठाके साथ पूरण
कर सकूं ओर मेरी वाणी कभी भी असत्य न हो

वास्तु आचार्य
९०१३ २०३०४०