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गुरुवार, 21 जुलाई 2011

ज्योतिष विज्ञान ओर वास्तु एक दुसरे के पूरक हैं
वास्तु केवल विभिन कार्यों के वास्ते कम्र्रों ,व् भवन की जियामितीय व्यवस्था नहीं है
भवन के निर्माण ग्रह परवेश आदि महुर्तों का किसी भी कीमत पर त्याग नहीं करना चाहिए
भवन का वास्तु अनुकूल पेड़ पोधों के बिना अधुरा ही होगा
वास्तु आचार्य
अवतार सिंह
९०१३२०३०४०

बुधवार, 20 जुलाई 2011

ज्योतिषी जब भी ज्योतिष विद्या का सहारा लेकर यजमान को भयभीत करते हैं

ज्योतिषी जब भी ज्योतिष विद्या का सहारा लेकर यजमान को भयभीत करते हैं
ओर नकारात्मक विचारों का सहारा लेकर कर्मकांड पूजा कार्य करते या करवाते हैं
उनका वेदों से शायद कोई भी सम्बन्ध नहीं होता ओर न ही धरम से।
अत वर्तमान ज्योतिष विद्या पर एक बार फिर गहन विचार करने की आवश्यकता है
ज्योतिष अदवेत का विज्ञानं है
इसे सही ओर सकारात्मक दिशा में विकसित किए जाने की ज़रूरत है।
वास्तु आचार्य
अवतार सिंह
९०१३२०३०४०

बुधवार, 6 जुलाई 2011

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें

गज जेहि द्वारे सूंड  उठावे  , सकल शगुन अस बात जतावे

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें

ईशान पूजा , नेरित भरी , अग्नि अगन जरावे 
वायु खुल्ला , नाभि खाली , उह घर राम रखावे

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें

जे कोई पूजे तीन गणेश , उके घर चिंता परवेश

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें

जा के घर बीचे मा  खम्बा ,वई  के  का  राखे  जगदम्बा

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें

जेहि भुइं  पर  अशोक वृख बासा   ,  शोक रहित उई भवन सुवासा II

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें

जेहिं भुइं  पर  अशोक वृख बसा   ,  शोक रहित उई भवन सुवासा II

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें

बीचे कूप  न  आवे  धूप 
होवे रंक जो रहे  जो  भूप II

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें

बड़ो द्वार भावे 
आफत बुलावे II

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें


 सिहं मुखी जो रहने जावे , तन धन आपन सकल गवावे

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें

जा के उत्तर धोबी होवे I
 ताहि भुवन को मालिक रोवे II

लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें

जा के पूरब पीपल होवे 
सो लक्ष्मी पे लक्ष्मी खोवे II