ज्योतिष विज्ञान ओर वास्तु एक दुसरे के पूरक हैं ।
वास्तु केवल विभिन कार्यों के वास्ते कम्र्रों ,व् भवन की जियामितीय व्यवस्था नहीं है ।
भवन के निर्माण ग्रह परवेश आदि महुर्तों का किसी भी कीमत पर त्याग नहीं करना चाहिए ।
भवन का वास्तु अनुकूल पेड़ पोधों के बिना अधुरा ही होगा ।
वास्तु आचार्य
अवतार सिंह
९०१३२०३०४०
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गुरुवार, 21 जुलाई 2011
बुधवार, 20 जुलाई 2011
ज्योतिषी जब भी ज्योतिष विद्या का सहारा लेकर यजमान को भयभीत करते हैं
ज्योतिषी जब भी ज्योतिष विद्या का सहारा लेकर यजमान को भयभीत करते हैं
ओर नकारात्मक विचारों का सहारा लेकर कर्मकांड पूजा कार्य करते या करवाते हैं
उनका वेदों से शायद कोई भी सम्बन्ध नहीं होता ओर न ही धरम से।
अत वर्तमान ज्योतिष विद्या पर एक बार फिर गहन विचार करने की आवश्यकता है
ज्योतिष अदवेत का विज्ञानं है
इसे सही ओर सकारात्मक दिशा में विकसित किए जाने की ज़रूरत है।
वास्तु आचार्य
अवतार सिंह
९०१३२०३०४०
ओर नकारात्मक विचारों का सहारा लेकर कर्मकांड पूजा कार्य करते या करवाते हैं
उनका वेदों से शायद कोई भी सम्बन्ध नहीं होता ओर न ही धरम से।
अत वर्तमान ज्योतिष विद्या पर एक बार फिर गहन विचार करने की आवश्यकता है
ज्योतिष अदवेत का विज्ञानं है
इसे सही ओर सकारात्मक दिशा में विकसित किए जाने की ज़रूरत है।
वास्तु आचार्य
अवतार सिंह
९०१३२०३०४०
बुधवार, 6 जुलाई 2011
लोक अंचल में कही वास्तु के लिए कुछ कहावतें
ईशान पूजा , नेरित भरी , अग्नि अगन जरावे
वायु खुल्ला , नाभि खाली , उह घर राम रखावे
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