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रविवार, 5 दिसंबर 2010

kaal sarp yoga

लाल
किताब कालसर्प को योग मानता है.
राहु और केतु विभिन्न खानों में बैठकर 12 तरह के
विशेष योग बनाते हैं
अन्य ग्रह अलग अलग खानो में बैठकर शुभ और
...अशुभ फल देते हैं
राहु केतु भी शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के फल
देते हैं.
ज्योतिष में राहु को सांप का सिर और केतु को उसका दुम
माना गया है.
कुण्डली में
सूर्य से लेकर शनि तक सभी सात ग्रह जब राहु और
केतु के बीच होते हैं तब कालसर्प योग बनता है.

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