लोकप्रिय पोस्ट

बुधवार, 20 जुलाई 2011

ज्योतिषी जब भी ज्योतिष विद्या का सहारा लेकर यजमान को भयभीत करते हैं

ज्योतिषी जब भी ज्योतिष विद्या का सहारा लेकर यजमान को भयभीत करते हैं
ओर नकारात्मक विचारों का सहारा लेकर कर्मकांड पूजा कार्य करते या करवाते हैं
उनका वेदों से शायद कोई भी सम्बन्ध नहीं होता ओर न ही धरम से।
अत वर्तमान ज्योतिष विद्या पर एक बार फिर गहन विचार करने की आवश्यकता है
ज्योतिष अदवेत का विज्ञानं है
इसे सही ओर सकारात्मक दिशा में विकसित किए जाने की ज़रूरत है।
वास्तु आचार्य
अवतार सिंह
९०१३२०३०४०

1 टिप्पणी: